🎉 हिंदू त्योहार 2026

2026 के सभी मुख्य त्योहार उनकी तिथि के साथ — दिवाली, होली, नवरात्रि, जन्माष्टमी आदि कब हैं, हर एक की व्रत कथा व आरती सहित।

अगला त्योहार
रक्षा बंधन
28 अगस्त 2026 · 11 दिन बाकी
14
जनवर

मकर संक्रांति

बुधवार, 2026
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व — स्नान, दान, तिल-गुड़ व पतंगबाज़ी।
23
जनवर

वसंत पंचमी

शुक्रवार, 2026
माँ सरस्वती की पूजा — विद्या आरंभ हेतु शुभ, पीले वस्त्र व पकवान।
15
फरवर

महाशिवरात्रि

रविवार, 2026
भगवान शिव की महान रात्रि — व्रत, रातभर जागरण व बेलपत्र-जल अर्पण।
3
मार्

होलिका दहन

मंगलवार, 2026
होलिका दहन — बुराई के प्रतीक का दहन, भक्त प्रह्लाद की कथा।
4
मार्

होली (धुलंडी)

बुधवार, 2026
रंगों का त्योहार — अच्छाई की जीत, गले मिलकर खुशियाँ बाँटना।
19
मार्

चैत्र नवरात्रि / उगादी

गुरुवार, 2026
चैत्र नवरात्रि व हिंदू नववर्ष का आरंभ — माँ दुर्गा की नौ-दिवसीय आराधना।
26
मार्

राम नवमी

गुरुवार, 2026
भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव — व्रत, रामायण पाठ व दोपहर जन्म-उत्सव।
2
अप्र

हनुमान जयंती

गुरुवार, 2026
पवनपुत्र हनुमान का जन्मोत्सव — हनुमान चालीसा पाठ व सिंदूर-चोला।
19
अप्र

अक्षय तृतीया

रविवार, 2026
अक्षय फल देने वाला शुभ दिन — दान, सोना खरीदना व नए कार्य आरंभ।
28
अगस्

रक्षा बंधन

शुक्रवार, 2026
भाई-बहन के स्नेह का पर्व — बहनें भाई की कलाई पर राखी बाँधती हैं।
11 दिन बाकी
4
सितं

कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 2026
भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव — व्रत, मध्यरात्रि पूजन व झाँकियाँ।
14
सितं

गणेश चतुर्थी

सोमवार, 2026
विघ्नहर्ता गणेश की स्थापना व पूजन — मोदक भोग व विसर्जन।
11
अक्ट

शारदीय नवरात्रि प्रारंभ

रविवार, 2026
शारदीय नवरात्रि — माँ दुर्गा की नौ-दिवसीय आराधना, व्रत व गरबा।
20
अक्ट

दशहरा / विजयादशमी

मंगलवार, 2026
बुराई पर अच्छाई की विजय — रावण दहन व शस्त्र पूजा।
6
नवंब

धनतेरस

शुक्रवार, 2026
धन्वंतरि व लक्ष्मी पूजन — बर्तन व सोना-चाँदी खरीदना शुभ।
8
नवंब

दिवाली / लक्ष्मी पूजा

रविवार, 2026
दीपों का सबसे बड़ा पर्व — लक्ष्मी-गणेश पूजन, दीप व रंगोली।
10
नवंब

भाई दूज

मंगलवार, 2026
भाई दूज — बहन भाई को तिलक कर दीर्घायु की कामना करती है।
15
नवंब

छठ पूजा

रविवार, 2026
सूर्य व छठी मैया की उपासना — कठिन निर्जल व्रत व अर्घ्य।
ℹ️ तिथियाँ उत्तर-भारतीय दृक पंचांग पर आधारित हैं और कुछ क्षेत्रों में 1 दिन आगे-पीछे हो सकती हैं। महत्वपूर्ण मुहूर्त स्थानीय पंचांग या पंडित से अवश्य मिलाएँ।
⚠️ केवल आस्था व जानकारी हेतु — वैज्ञानिक या पेशेवर सलाह नहीं। विवरण