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जय कश्यप-नन्दन (सूर्य आरती)

सूर्य देव

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हे सूर्य भगवान। जगत के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण प्रधान॥ ॐ जय सूर्य भगवान॥ भुवन-भास्कर तुम हो, तुम जग के आधार। तुमसे जीवन-ज्योति, तुमसे जग-व्यवहार॥ ॐ जय सूर्य भगवान॥ सप्त-अश्व रथ साजे, अरुण सारथी प्यारा। तुम जग-तिमिर मिटाते, करते जग उजियारा॥ ॐ जय सूर्य भगवान॥ तुम हो आरोग्य-दाता, तुम हो तेज-प्रकाश। जो तुमको नित ध्यावे, होवे सुख की आस॥ ॐ जय सूर्य भगवान॥ उदय-अस्त तुम्हारे, नियम अटल भगवान। जीवन-चक्र चलाते, तुम हो कृपानिधान॥ ॐ जय सूर्य भगवान॥ सूर्यदेव की आरती, जो कोई नर गावे। मन-वांछित फल पावे, रोग-दोष मिट जावे॥ ॐ जय सूर्य भगवान॥
ℹ️ यह पारंपरिक, सर्वत्र गायी जाने वाली आरती है, भक्ति-पठन हेतु प्रस्तुत।
⚠️ केवल आस्था व जानकारी हेतु — वैज्ञानिक या पेशेवर सलाह नहीं। विवरण