जय कश्यप-नन्दन (सूर्य आरती)
सूर्य देव
ॐ जय सूर्य भगवान, जय हे सूर्य भगवान।
जगत के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण प्रधान॥
ॐ जय सूर्य भगवान॥
भुवन-भास्कर तुम हो, तुम जग के आधार।
तुमसे जीवन-ज्योति, तुमसे जग-व्यवहार॥
ॐ जय सूर्य भगवान॥
सप्त-अश्व रथ साजे, अरुण सारथी प्यारा।
तुम जग-तिमिर मिटाते, करते जग उजियारा॥
ॐ जय सूर्य भगवान॥
तुम हो आरोग्य-दाता, तुम हो तेज-प्रकाश।
जो तुमको नित ध्यावे, होवे सुख की आस॥
ॐ जय सूर्य भगवान॥
उदय-अस्त तुम्हारे, नियम अटल भगवान।
जीवन-चक्र चलाते, तुम हो कृपानिधान॥
ॐ जय सूर्य भगवान॥
सूर्यदेव की आरती, जो कोई नर गावे।
मन-वांछित फल पावे, रोग-दोष मिट जावे॥
ॐ जय सूर्य भगवान॥
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