व्रत-त्योहार

सोमवार व्रत का महत्व: भगवान शिव की कृपा का सरल मार्ग

📅 21 जून 2026 · ✍️ BhagyaSaathi Desk

हिंदू परंपरा में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना गया है। चंद्रमा को भी सोम कहा जाता है और शिव के मस्तक पर चंद्र विराजमान हैं, इसलिए इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सच्चे मन से रखा गया सोमवार का व्रत मन को शांति और जीवन में संतुलन देता है।

व्रत रखने वाले प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और भगवान शिव का स्मरण करते हैं। शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और पुष्प अर्पित करने की परंपरा है। दिनभर सात्विक आचरण और संध्या को शिव कथा सुनने या पढ़ने को शुभ माना गया है।

कुँवारी कन्याएँ अच्छे वर की कामना से सोमवार का व्रत रखती हैं, ऐसी पारंपरिक मान्यता है। वहीं विवाहित स्त्रियाँ परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत करती हैं। पुरुष भी मन की शांति और कार्य-सिद्धि के लिए यह व्रत रख सकते हैं।

व्रत का असली भाव केवल भूखे रहना नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म की पवित्रता है। शिव सरलता से प्रसन्न होने वाले देव माने गए हैं — उन्हें भक्ति और सच्चे भाव से जल चढ़ाना ही पर्याप्त बताया गया है।

यह जानकारी पारंपरिक हिंदू मान्यताओं पर आधारित है और श्रद्धा का विषय है। व्रत-उपवास स्वास्थ्य अनुसार ही करें।

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